केतना नाजुक होला
भावुकता के क्षण ।
आदमी उगिल देला सब
लइका लेखा।
कवनो कसाई मन
ओमे से
उचिला लेला………अपना मतलब के बात ।
साइत एही के कहल जाला
सेंटीमेंटल ब्लैकमेलिंग ।
केतना नाजुक होला
भावुकता के क्षण ।
आदमी उगिल देला सब
लइका लेखा।
कवनो कसाई मन
ओमे से
उचिला लेला………अपना मतलब के बात ।
साइत एही के कहल जाला
सेंटीमेंटल ब्लैकमेलिंग ।